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Wednesday, April 29, 2020

अभिलाषा

"अभिलाषा"

अभिलाषा छलs हमर एक ,
करितौंह हम धिया सँ स्नेह ।
हुनक नखरा पूरा करय मे ,
रहितौंह हम तत्पर सदिखन ।
सोचैत छलहुँ हम दिन राति ,
की परिछ्ब जमाय लगायब सचार ।
धीया तs होइत छथि नैहरक श्रृंगार ,
हँसैत धीया रोएत देखब हम कोना ।
कोना निहारब हम सून घर ,
बाट ताकब हम कोना पाबनि दिन ।
सोचैत छलहुँ जे सभ सपना अछि ,
ओ सभ आजु पूरा भs गेल।
घर मे आबि तs गेलिह धीया ,
बिदा नहि केलहुँ , नय सुन अछि घर ।
एक मात्र कमी रहि गेल ,
सचार लगायल नहिये भेल।
© कुसुम ठाकुर

हे चन्दा आय बिसरल किया बेर"

  (आजु हमर पोता दर्श के जन्मदिन छैन्ह .......हुनका चन्दा मामा वाला गीत सब बड़ पसिंद पडैत छैन्ह ................कतबो कानैत  रहैत छथि गाना सुन...